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पोषण और स्वास्थ्य

पौधे-आधारित आहार और दीर्घायु: क्या शाकाहारी भोजन लंबी उम्र का रहस्य है?

पौधे-आधारित आहार दीर्घायु को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, कई अध्ययनों से यह संबंध स्थापित हुआ है।

द्वारा डॉ. मीरा शर्मा4 मिनट पठननई दिल्ली, भारत
एक खुशहाल बुजुर्ग भारतीय जोड़ा अपने बगीचे में पौधे-आधारित आहार के लिए सब्जियां काट रहा है, जो दीर्घायु का प्रतीक है।
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पौधे-आधारित आहार दीर्घायु को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यह पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करता है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है। इस जीवनशैली में फलों, सब्जियों, साबुत अनाजों, फलियों और नट्स का अधिक सेवन शामिल है, जो एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होते हैं, जो कोशिका क्षति से लड़ने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं।

क्या पौधे-आधारित आहार पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करता है?

हाँ, पौधे-आधारित आहार पुरानी बीमारियों के जोखिम को काफी कम करता है, जिससे दीर्घायु में वृद्धि होती है। इस आहार में फाइबर की उच्च मात्रा, संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल की कमी हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव में मदद करती है (जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, 2019)।

हृदय रोग के जोखिम को कम करने में पौधे-आधारित आहार की प्रभावशीलता व्यापक रूप से प्रलेखित है। ऑक्फोर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन (2020) में पाया गया कि शाकाहारी लोगों में हृदय रोग का जोखिम मांसाहारी लोगों की तुलना में 13% कम था। ऐसा इसलिए है क्योंकि पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

पौधे-आधारित आहार आंत के स्वास्थ्य और सूजन को कैसे प्रभावित करता है?

पौधे-आधारित आहार आंत के स्वास्थ्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और सूजन को कम करता है, जो लंबी उम्र के लिए महत्वपूर्ण है। इस आहार में उच्च फाइबर सामग्री लाभकारी आंत बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है, जो एक स्वस्थ माइक्रोबायोम के लिए आवश्यक है।

स्वास्थ्यवर्धक पौधे-आधारित भोजन बनाम प्रसंस्कृत मांसाहारी भोजन की तुलना।
स्वस्थ भोजन की थाली दीर्घायु के लिए महत्वपूर्ण है।Humane Foundation

एक विविध आंत माइक्रोबायोम प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करता है और सूजन को कम करता है, जो कई पुरानी बीमारियों का अंतर्निहित कारक है (ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन, 2021)। शोध से पता चला है कि पौधे-आधारित आहार पर लोग अधिक विविध और स्थिर आंत माइक्रोफ्लोरा रखते हैं।

दुनिया के 'ब्लू ज़ोन' में पौधे-आधारित आहार की क्या भूमिका है?

ब्लू ज़ोन, दुनिया के वे क्षेत्र जहाँ लोग असाधारण रूप से लंबी और स्वस्थ जीवन जीते हैं, पौधे-आधारित आहार पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं। इन क्षेत्रों में ओकिनावा (जापान), सार्डिनिया (इटली) और लोमा लिंडा (अमेरिका) शामिल हैं, जहाँ फलियां, सब्जियां, साबुत अनाज और नट्स उनके दैनिक आहार का मुख्य हिस्सा हैं।

नेशनल ज्योग्राफिक के अध्ययन (2008) के अनुसार, ब्लू ज़ोन के निवासियों का 95% से अधिक आहार पारंपरिक रूप से पौधों पर आधारित होता है। यह खाने की आदतें उनकी अद्वितीय दीर्घायु और कम पुरानी बीमारी दर में एक प्रमुख योगदान कारक मानी जाती हैं।

पोषक तत्वपौधे-आधारित आहार (शाकाहारी)नियमित मांसाहारी आहारभूमध्यसागरीय आहार
फाइबर (ग्राम/दिन)25-40+10-2020-30
संतृप्त वसा (% कुल कैलोरी)<7%10-15%7-10%
विटामिन C (mg/दिन)100-200+60-9090-120
कोलेस्ट्रॉल (mg/दिन)0200-400100-200
एंटीऑक्सिडेंट स्कोर (ORAC)उच्चमध्यमउच्च-मध्यम
विभिन्न आहार शैलियों में प्रमुख पोषक तत्वों की तुलना। Source: पोषण अनुसंधान संस्थान, 2023

पौधे-आधारित प्रोटीन और दीर्घायु के बीच क्या संबंध है?

पौधे-आधारित प्रोटीन और दीर्घायु के बीच गहरा संबंध है, क्योंकि ये स्रोत अक्सर फाइबर और अन्य फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होते हैं, जबकि संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल में कम होते हैं। दालें, बीन्स, सोया उत्पाद और नट्स जैसे पौधे-आधारित प्रोटीन स्रोत मांसपेशियों के रखरखाव और कोशिका की मरम्मत के लिए आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करते हैं।

हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (2016) द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन से पता चला है कि पशु प्रोटीन को पौधे-आधारित प्रोटीन से बदलना समय से पहले मौत के जोखिम को कम कर सकता है, विशेष रूप से रेड मीट के सेवन को कम करने पर।

“पौधे-आधारित आहार केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर और हमारी लंबी उम्र के लिए भी सबसे शक्तिशाली उपकरण है। यह पुरानी बीमारियों के खिलाफ हमारी सबसे अच्छी रक्षा प्रदान करता है।”,

डॉ. डेविड एमिल्स, पोषण विज्ञान विभाग, यूनिव. ऑफ कैलिफोर्निया

भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में पुरानी बीमारियों का प्रचलन (2023)

Source: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5), 2023

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पौधे-आधारित आहार दीर्घायु को कैसे बढ़ाता है?+

यह पुरानी बीमारियों जैसे हृदय रोग, मधुमेह और कुछ कैंसर के जोखिम को कम करके, सूजन को कम करके, और एक स्वस्थ आंत माइक्रोबायोम को बढ़ावा देकर दीर्घायु को बढ़ाता है। यह एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होता है जो कोशिका क्षति से लड़ते हैं।

क्या पौधे-आधारित आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल जाते हैं?+

हाँ, एक अच्छी तरह से नियोजित पौधे-आधारित आहार सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकता है। प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों के पर्याप्त सेवन के लिए विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का चयन महत्वपूर्ण है।

क्या पौधे-आधारित आहार उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है?+

पौधे-आधारित आहार में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करके उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकते हैं, जो कोशिका क्षति और उम्र से संबंधित बीमारियों के प्रमुख कारक हैं।

दीर्घायु के लिए कौन से पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ सबसे अच्छे हैं?+

दीर्घायु के लिए सबसे अच्छे पौधे-आधारित खाद्य पदार्थों में पत्तेदार हरी सब्जियां, जामुन (berries), नट्स, बीज, फलियां (जैसे दाल और बीन्स), साबुत अनाज और क्रूसिफेरस सब्जियां (जैसे ब्रोकोली और फूलगोभी) शामिल हैं। ये सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

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