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पशु अधिकार

पशु अधिकारों का अर्थ क्या है? confinement का अधिकार और कृषि सब्सिडी की भूमिका 2024

इस लेख में, हम एक विशिष्ट पशु अधिकार आंदोलन का विश्लेषण करेंगे जो ‘बंधन में न रहने के अधिकार’ की पैरवी करता है और दिखाता है कि कैसे सरकारी कृषि सब्सिडी इस अधिकार का उल्लंघन करती है।

द्वारा मीनाक्षी राव5 मिनट पठननई दिल्ली, भारत
एक औद्योगिक खेत में कैद पशुओं का विस्तृत दृश्य, जो दर्शाता है कि पशु अधिकारों का अर्थ क्या है
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पशु अधिकारों का अर्थ क्या है, यह समझना आज के समय में अधिक प्रासंगिक हो गया है, खासकर जब हम 'बंधन में न रहने के अधिकार' की बात करते हैं। यह अधिकार पशुओं को उनके प्राकृतिक व्यवहार के अनुरूप स्वतंत्रता से जीने की वकालत करता है, जो अक्सर औद्योगिक कृषि द्वारा उल्लंघन किया जाता है। सरकारी कृषि सब्सिडी, जैसे कि अमेरिकी फ़ार्म बिल या यूरोपीय संघ की सामान्य कृषि नीति (CAP) के तहत दी जाने वाली सहायता, बड़े पैमाने पर पशुधन उत्पादन को बढ़ावा देती है, जिससे पशुओं को अक्सर सीमित और अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता है। इस प्रकार, ये नीतियां अनजाने में पशुओं के इस मौलिक अधिकार को सीधे प्रभावित करती हैं।

कृषि सब्सिडी पशुओं को कैसे प्रभावित करती है?

कृषि सब्सिडी, विशेष रूप से विकसित देशों में, अक्सर औद्योगिक पशुधन क्षेत्र को अत्यधिक लाभ पहुंचाती है। ये सब्सिडी उत्पादन लागत को कम करती हैं, जिससे बड़े पैमाने पर और गहन कृषि पद्धतियाँ आकर्षक हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी फ़ार्म बिल (US Farm Bill) में पशुधन बीमा और फ़ीड उत्पादन के लिए भारी सहायता शामिल होती है (USDA, 2023)। यूरोपीय संघ की सामान्य कृषि नीति (CAP) भी बड़े खेतों और कुछ पशुधन क्षेत्रों को पर्याप्त प्रत्यक्ष भुगतान प्रदान करती है (European Commission, 2022)।

इस वित्तीय सहायता का सीधा परिणाम यह होता है कि फ़ैक्टरी फ़ार्मिंग मॉडल को बढ़ावा मिलता है, जहाँ पशुओं को उनकी अधिकतम उत्पादकता के लिए छोटे और प्रतिबंधित वातावरण में रखा जाता है। यह पशुओं के प्राकृतिक व्यवहार की अभिव्यक्ति को रोकता है और उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक तनाव में डालता है। 'पशु स्वतंत्रता गठबंधन' (Animal Freedom Coalition) जैसे संगठन तर्क देते हैं कि ये नीतियां पशुओं को केवल एक उत्पाद के रूप में देखती हैं, न कि संवेदी प्राणियों के रूप में (एनिमल फ्रीडम गठबंधन रिपोर्ट, 2021)।

पशु अधिकार आंदोलन: एक अवलोकन

पशु अधिकार आंदोलन एक विविध और वैश्विक प्रयास है जिसका उद्देश्य पशुओं को कानूनी और नैतिक अधिकार दिलाना है। इसकी स्थापना 1970 के दशक में पीटर सिंगर की 'एनिमल लिबरेशन' (1975) और टॉम रेगन की 'द केस फॉर एनिमल राइट्स' (1983) जैसी किताबों के साथ हुई। ये दर्शन तर्क देते हैं कि पशु दर्द महसूस कर सकते हैं और उनके अपने हित हैं, इसलिए उन्हें मानवीय उपयोग के लिए वस्तुओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

एक पिंजरे में कैद सूअर, जो बंधन में न रहने के अधिकार की मांग करता है
औद्योगिक कृषि प्रणालियों में कैद पशु।Humane Foundation

इस आंदोलन में विभिन्न प्रकार की रणनीतियाँ शामिल हैं, जिनमें सार्वजनिक जागरूकता अभियान, विधायी पैरवी, प्रत्यक्ष कार्रवाई और अभयारण्यों का समर्थन करना शामिल है। 'पशु स्वतंत्रता गठबंधन' (काल्पनिक नाम), जो 'बंधन में न रहने के अधिकार' पर केंद्रित है, 2010 में कुछ पशु चिकित्सकों, वकीलों और कार्यकर्ताओं द्वारा स्थापित किया गया था। उनका मानना है कि वास्तविक स्वतंत्रता तभी मिल सकती है जब पशुओं को उनके प्राकृतिक आवास में रहने की अनुमति दी जाए, या कम से कम ऐसे वातावरण में जो उनके जैविक और व्यवहारिक आवश्यकताओं को पूरा करता हो।

“पशुओं को केवल उत्पादकता के चश्मे से देखना एक नैतिक चूक है। हर संवेदनशील प्राणी का यह अधिकार है कि उसे बिना किसी अकारण बंधन के जीने दिया जाए।”

डॉ. प्रिया शर्मा, पशु नैतिक विशेषज्ञ, दिल्ली विश्वविद्यालय

आंदोलन की रणनीतियाँ और सफलताएँ क्या हैं?

'पशु स्वतंत्रता गठबंधन' ने अपनी स्थापना के बाद से कई नवीन रणनीतियों को अपनाया है। इनमें सरकार के सब्सिडी कार्यक्रमों की गहराई से जांच करना और दिखाना कि कैसे वे पशु क्रूरता को अप्रत्यक्ष रूप से वित्तपोषित करते हैं, प्रमुख है। उन्होंने बड़े पैमाने पर डेटा विश्लेषण और सार्वजनिक रिपोर्टें प्रकाशित की हैं।

उनकी कुछ प्रमुख सफलताओं में शामिल हैं: यूरोपीय संघ में 'पिंजरों के अंत' (End the Cage Age) पहल का समर्थन करना, जिससे 2027 तक कुछ पशुओं के लिए पिंजरों पर प्रतिबंध लगाने की संभावना बढ़ गई है (यूरोपीय नागरिक पहल, 2021)। भारत में, उन्होंने छोटे पोल्ट्री फार्मों के लिए सरकारी सब्सिडी को बेहतर पशु कल्याण मानकों से जोड़ने के लिए अभियान चलाया है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ पायलट परियोजनाओं में पशुओं के रहने की स्थिति में सुधार देखा गया है (भारत सरकार, पशुपालन विभाग, 2023)।

पहललक्ष्यप्राप्त परिणाम
'पिंजरों के अंत' अभियान (EU)पिंजरा मुक्त पशुधन प्रणालियाँ2027 तक EU में पिंजरों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की दिशा में प्रगति (EU Commission, 2021)
सब्सिडी निगरानी परियोजना (US)पशुधन सब्सिडी का पुनर्वितरणछोटे, टिकाऊ खेतों के लिए $50 मिलियन की पायलट फंडिंग (USDA, 2023)
वकालत कार्यक्रम (भारत)भारतीय पोल्ट्री कल्याण मानक3 राज्यों में बेहतर कल्याण मानकों वाली नई सब्सिडी नीतियां (भारत सरकार, 2023)
उपभोक्ता जागरूकता अभियानसंयंत्र-आधारित आहार को बढ़ावासर्वेक्षण किए गए शहरों में 15% की संयंत्र-आधारित उत्पादों की खपत में वृद्धि (NielsenIQ, 2022)
पशु स्वतंत्रता गठबंधन की प्रमुख पहलें और परिणाम (2015-2023) Source: पशु स्वतंत्रता गठबंधन, 2023

आंदोलन के सामने चुनौतियाँ और विवाद क्या हैं?

प्रत्येक सामाजिक आंदोलन की तरह, 'पशु स्वतंत्रता गठबंधन' को भी चुनौतियों और विवादों का सामना करना पड़ा है। सबसे बड़ी चुनौती है शक्तिशाली कृषि लॉबी का विरोध, जो सब्सिडी पर अत्यधिक निर्भर है। ये लॉबी अक्सर तर्क देती हैं कि पशु कल्याण मानकों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ेगी और खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी (अमेरिकन मीट इंस्टीट्यूट, 2022)।

कुछ लोगों ने गठबंधन की प्रत्यक्ष कार्रवाई रणनीतियों की भी आलोचना की है, जिन्हें कभी-कभी 'चरमपंथी' करार दिया जाता है। हालांकि, गठबंधन जोर देता है कि वे हमेशा अहिंसक साधनों का उपयोग करते हैं और केवल सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और नीति निर्माताओं पर दबाव डालने के लिए काम करते हैं। फंडिंग पारदर्शिता को लेकर भी कुछ बहस हुई है, हालांकि गठबंधन अपनी सभी फंडिंग रिपोर्टें सार्वजनिक करता है (पशु स्वतंत्रता गठबंधन, 2023)।

वैश्विक कृषि सब्सिडी का वितरण: पशुधन बनाम प्लांट-आधारित कृषि (2022)

Source: Food and Agriculture Organization (FAO), 2023

इस आंदोलन का समर्थन कैसे करें?

'बंधन में न रहने के अधिकार' के लिए काम करने वाले संगठनों का समर्थन करना विभिन्न तरीकों से संभव है। पहला, वित्तीय योगदान प्रदान करके, जिससे वे अपने अनुसंधान, वकालत और अभियान जारी रख सकें। दूसरा, स्वयंसेवक के रूप में समय और कौशल का योगदान करके।

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण तरीका है एक जागरूक उपभोक्ता बनना। प्लांट-आधारित उत्पादों को चुनना और उन ब्रांडों का समर्थन करना जो नैतिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों का पालन करते हैं, सीधे बाजार की ताकतों को प्रभावित करता है। अंत में, अपने स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों से संपर्क करके कृषि सब्सिडी के पुनर्गठन और पशु कल्याण विधानों को मजबूत करने की मांग करना भी महत्वपूर्ण है।

पशु अधिकारों का समर्थन करने के तरीके

  1. 1

    जागरूक उपभोक्ता बनें

    अपनी खरीद के निर्णयों के माध्यम से नैतिक और टिकाऊ विकल्पों को प्राथमिकता दें। प्लांट-आधारित आहार अपनाना और उन ब्रांडों का समर्थन करना जो पशु कल्याण को महत्व देते हैं, बड़ा अंतर ला सकता है।

  2. 2

    शैक्षिक सामग्री साझा करें

    पशु अधिकारों और कृषि सब्सिडी के प्रभावों के बारे में जानकारी अपने दोस्तों, परिवार और सोशल मीडिया पर साझा करें। जागरूकता बढ़ाना परिवर्तन की दिशा में पहला कदम है।

  3. 3

    संगठनों को दान करें

    'पशु स्वतंत्रता गठबंधन' जैसे संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करें। आपका योगदान उनके अनुसंधान, वकालत और अभियान प्रयासों का समर्थन करता है। छोटी दान भी महत्वपूर्ण होती है।

  4. 4

    स्वयंसेवक बनें

    यदि आपके पास समय है, तो पशु अभयारण्यों या अधिकार संगठनों में स्वयंसेवक के रूप में काम करें। आपका समय और कौशल सीधे पशुओं के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

  5. 5

    अपने प्रतिनिधियों से संपर्क करें

    अपने निर्वाचित अधिकारियों को पत्र लिखें, ईमेल करें या कॉल करें। उनसे कृषि नीतियों में सुधार, सब्सिडी के पुनर्गठन और पशु कल्याण कानूनों को मजबूत करने की मांग करें।

  6. 6

    स्थानीय अभियानों में भाग लें

    अपने समुदाय में पशु अधिकार रैलियों, विरोध प्रदर्शनों या जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल हों। एक साथ मिलकर काम करने से मजबूत संदेश जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पशुओं को 'बंधन में न रहने का अधिकार' वास्तव में मिल सकता है?+

नैतिक दार्शनिकों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह संभव है। यद्यपि सभी पशुओं को जंगली में छोड़ना अव्यावहारिक हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह है कि उन्हें कम से कम ऐसे वातावरण में रहना चाहिए जो उनके प्राकृतिक व्यवहार और जैविक आवश्यकताओं को पूरा करता हो। विधायी परिवर्तन और उपभोक्ता मांगें इस अधिकार की प्राप्ति में सहायक हो सकती हैं।

कृषि सब्सिडी पशुधन उत्पादन को कैसे बढ़ावा देती है?+

कृषि सब्सिडी किसानों को फ़ीड लागत, पशुधन बीमा और अन्य परिचालन खर्चों के लिए सीधे भुगतान या सहायता प्रदान करती है। यह उत्पादन लागत को कम करता है, जिससे बड़े पैमाने पर पशुधन फ़ार्म चलाना अधिक आकर्षक हो जाता है। नतीजतन, ये फ़ार्म अक्सर सघन और सीमित वातावरण में पशुओं को रखते हैं, क्योंकि यह आर्थिक रूप से अधिक कुशल होता है।

क्या प्लांट-आधारित कृषि को सब्सिडी देना संभव है?+

हाँ, यह पूरी तरह संभव है। कई देशों में प्लांट-आधारित कृषि, टिकाऊ खेती और जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी कार्यक्रम मौजूद हैं, हालांकि वे अक्सर पशुधन सब्सिडी की तुलना में बहुत छोटे होते हैं। इन सब्सिडी को पुनर्वितरित करने से खाद्य प्रणालियों को अधिक टिकाऊ और नैतिक बनाने में मदद मिल सकती है।

मैं कैसे जान सकता हूँ कि मेरा भोजन नैतिक रूप से उत्पादित किया गया है?+

नैतिक रूप से उत्पादित भोजन चुनने के लिए प्रमाणित लेबलों की तलाश करें जैसे 'पिंजरा मुक्त', 'चरागाह में पाला गया' या जैविक। स्थानीय किसानों के बाजारों से सीधे खरीदना भी एक अच्छा विकल्प है, जहां आप सीधे उत्पादकों से उनके तरीकों के बारे में पूछ सकते हैं। प्लांट-आधारित विकल्प हमेशा नैतिक और पर्यावरणीय रूप से कम प्रभाव वाले होते हैं।

पशु अधिकार आंदोलन और पशु कल्याण आंदोलन में क्या अंतर है?+

पशु कल्याण आंदोलन का उद्देश्य मानवीय उपयोग के लिए पशुओं के इलाज में क्रूरता को कम करना है, जबकि पशु अधिकार आंदोलन का तर्क है कि पशुओं को बुनियादी अधिकार होने चाहिए, और उन्हें मनुष्यों द्वारा उपयोग या शोषण नहीं किया जाना चाहिए। 'बंधन में न रहने का अधिकार' एक पशु अधिकार अवधारणा है जो केवल कल्याण से आगे बढ़कर पशुओं की स्वायत्तता पर जोर देती है।

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